विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत का लक्ष्य 2047 तक अपनी परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता को 100 गीगावाट तक बढ़ाना है और वह परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए रूस को एक विश्वसनीय और भरोसेमंद साझेदार मानता है। ‘भारत और रूस: एक नए द्विपक्षीय कार्यक्रम की दिशा में‘ विषय पर आयोजित सम्मेलन को आज वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि रूस असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत का सबसे महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच विश्वास और आपसी सम्मान पर आधारित एक विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी है और दशकों से दोनों देशों के पारस्परिक लाभकारी सहयोग ने क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, स्थिरता और प्रगति को आगे बढ़ाया है।
विदेश मंत्री ने कहा कि ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान भारत, मानवता प्रथम और जन-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाते हुए, संतुलित और समावेशी तरीके से साझा चुनौतियों का समाधान करने के लिए रूस के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक है।
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