आज विश्व तपेदिक दिवस है। इसका उद्देश्य तपेदिक के विनाशकारी स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक परिणामों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इस वैश्विक महामारी को समाप्त करने के प्रयासों को तेज करना है। यह दिवस डॉ. रॉबर्ट कोच की ओर से 1882 में तपेदिक के रोगाणु की खोज की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस अवसर पर अपने संदेश में कहा है कि तपेदिक आज भी एक गंभीर जन स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है, जिससे विश्वभर में लाखों लोग प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि तपेदिक मुक्त भारत अभियान ने शीघ्र निदान को बढ़ावा देने, मुफ्त उपचार सुनिश्चित करने, पोषण संबंधी सहायता को मजबूत करने और रोगी देखभाल में सुधार करने में उल्लेखनीय प्रगति की है।
इस वर्ष विश्व तपेदिक दिवस का विषय है- “हाँ, हम तपेदिक समाप्त कर सकते हैं।” यह तपेदिक के उन्मूलन के लिए चल रहे प्रयासों पर विचार करने और स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करने का अवसर प्रदान करता है, ताकि दवाओं से प्रतिरोधी तपेदिक के बढ़ते खतरे का मुकाबला किया जा सके।
सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और…
राष्ट्रीय खेल विकास कोष (एनएसडीएफ), भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने प्रतिभाओं…
भारत ने आज फिर दोहराया कि लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है, चीन…
66वें राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय पाठ्यक्रम के संकाय और पाठ्यक्रम प्रतिभागियों ने आज, 13 अक्टूबर 2026…
आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी में त्वचा सम्बंधी विकारों के प्रबंधन के…
धान कटाई के मौजूदा सीजन में पराली (फसल अवशेष) प्रबंधन को मिशन मोड में अमलीजामा…