केंद्र सरकार ने थल सेना अध्यक्ष को एक विशेष अधिकार प्रदान कर दिया है। इसके तहत अब वे आवश्यकता पड़ने पर टेरिटोरियल आर्मी के सभी जवानों और अधिकारियों को देश की सुरक्षा तथा आवश्यक कार्यों के लिए बुला सकेंगे। टेरिटोरियल आर्मी के जवान और अधिकारी भारत की नियमित सेना को सहायता और पूरकता प्रदान करने के लिए कभी भी बुलाये जा सकते हैं।
सेना प्रमुख को ये अधिकार टेरिटोरियल आर्मी नियम 1948 के तहत दिये गए हैं। रक्षा मंत्रालय ने एक अधिसूचना में इसकी जानकारी दी है। यह आदेश नौ फरवरी 2028 तक तीन वर्ष के लिए लागू रहेगा।
टेरिटोरियल आर्मी की मौजूदा 32 इन्फैंट्री बटालियनों में से 14 इन्फैंट्री बटालियनों को दक्षिणी कमान, पूर्वी कमान, पश्चिमी कमान, मध्य कमान, उत्तरी कमान, दक्षिण पश्चिमी कमान, अंडमान और निकोबार कमान तथा सेना प्रशिक्षण कमान के क्षेत्रों में शामिल किया गया है।
नासा का विशाल रॉकेट ‘आर्टेमिस II’ मिशन के लिए फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्थित लॉन्च…
मेसर्स सूर्यदीप्ता प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, ठाणे (एमएसएमई शिपयार्ड) के साथ 16 जनवरी 2026 को 03…
भारतीय रेल ने मौनी अमावस्या के दौरान रेल यातायात का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया और 3…
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर सहयोगी देशों पर अमरीका…
सरकारी ई-मार्केटप्लेस-जेम और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई ने आज एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।…
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के…