केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 2021 में सेना में भर्ती की प्रक्रिया में कथित अनियमितता को लेकर जांच का सामना कर रहे लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के एक अधिकारी के खिलाफ बुधवार को रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया। अधिकारियों ने बताया कि कथित अनियमितता के समय पुणे स्थित सेना के दक्षिण कमान मुख्यालय में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल विकास रायजादा और हवलदार सुशांत नाहक पर 2021 में ‘मल्टी-टास्किंग’ कर्मी (एमटीएस) के पद पर भर्ती होने के आकांक्षियों से रिश्वत लेने का आरोप है। उन्होंने बताया कि 2021 में विभिन्न पदों की भर्ती प्रक्रिया के दौरान उत्तर कुंजी लीक करने सहित विभिन्न अनियमितताओं के सिलसिले में रायजादा को 2022 में गिरफ्तार किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि नाहक की भी मामले में भूमिका की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान सीबीआई ने नाहक सहित विभिन्न आरोपियों से कई व्हाट्सऐप चैट और लिखित संदेश बरामद किए, जिनसे पता चला कि उन्होंने एमटीएस पदों के लिए कुछ चयनित और अचयनित उम्मीदवारों से उनकी पदस्थापना औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने और उनके मूल दस्तावेज वापस करने के लिए कथित तौर पर रिश्वत ली थी।
अधिकारियों ने बताया कि एक ऐसे उम्मीदवार ने सीबीआई से सपंर्क किया और शिकायत की कि नाहक ने मूल दस्तावेज वापस करने के एवज में 2021 में कथित तौर पर दो लाख रुपये लिए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि नाहक ने चयनित और गैर चयनित उम्मीदवारों से ली गई रिश्वत की राशि रायजादा के साथ साझा की थी।
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने रायजादा और नाहक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी से जुड़ी धाराओं और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
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