नासा के आर्टेमिस-द्वितीय चंद्र मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्री आज पृथ्वी पर लौट आए हैं। उनका ओरियन अंतरिक्ष यान, इंटीग्रिटी स्वचालित नियंत्रण प्रणाली के तहत प्रशांत महासागर में उतरा।
चार सदस्यीय दल की यह वापसी ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण रही है। इस रिकॉर्ड बनाने वाले चंद्र फ्लाईबाय मिशन के दौरान अंतरक्षि यात्रियों ने चंद्रमा के उन दूरस्थ हिस्से के दृश्य देखें, जिन्हें मानव आंखों द्वारा पहले कभी नहीं देखा गया था। इसके साथ ही उन्होंने पूर्ण सूर्यग्रहण का भी अवलोकन किया। कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन के साथ अंतरिक्ष यान ने ध्वनि की गति से 33 गुना तेज, यानि मैक 33 की रफ्तार से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया। ऐसा दृश्य नासा के 1960 और 1970 के दशक के अपोलो चंद्र अभियानों के बाद पहली बार देखने को मिला। 10 दिन के इस मिशन के दौरान यह दल 50 वर्ष से अधिक समय बाद चंद्रमा की ओर जाने वाला पहला मानव दल बना। इसने पृथ्वी से अब-तक की सबसे अधिक दूरी तय करने का नया रिकॉर्ड भी बनाया। चारों अंतरिक्ष यात्री नासा के विशाल स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट से उड़ान भरने वाले और ओरियन अंतरिक्ष यान में यात्रा करने वाले पहले मानव भी बने।
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