असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने कहा है कि राज्य मंत्रिमंडल ने बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने के लिए विधेयक को मंजूरी दे दी है। यह विधेयक किसी भी ऐसे व्यक्ति को विवाह करने से रोकता है जिसका पहले से ही जीवित जीवनसाथी है, और वे कानूनी रूप से अलग नहीं हुए हैं, या उनका पिछला विवाह तलाक के आदेश से भंग नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री सरमा ने असम बहुविवाह निषेध विधेयक, 2025 को पारित कराने के लिए 25 नवंबर को विधानसभा में पेश करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति बहु विवाह का दोषी पाया जाता है, तो उसे सात वर्ष की जेल की सजा हो सकती है। उन्होंने बताया कि दोषी व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा और उसे तुरंत जमानत नहीं मिलेगी।
गृह मंत्रालय ने जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत जनगणना (संशोधन) नियम, 2026 लागू किए हैं।…
भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है।…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग-एनएचआरसी ने महाराष्ट्र के नासिक जिले के अंबड औद्योगिक क्षेत्र के निकट दत्तानगर…
भारत और मंगोलिया के रक्षा मंत्रालयों के संयुक्त कार्य समूह की आज उलानबातार में आयोजित…
भारत की क्वांटम प्रौद्योगिकी और सुरक्षित संचार क्षमताओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण…
भारतीय प्रेस परिषद ने विरोध और धरना-प्रदर्शनों की कवरेज करने वाले पत्रकारों के लिए दिशा-निर्देश…