पारंपरिक वेलनेस और प्राकृतिक उत्पादों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर भारत की अग्रणी स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव की उपस्थिति में आयुष निर्यात संवर्धन परिषद (आयुषएक्सआईएल) और भारतीय मसाला बोर्ड के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
प्रतापराव जाधव ने आयुषएक्सआईएल और भारतीय मसाला बोर्ड को बधाई देते हुए इस साझेदारी को “दूरदर्शी और भविष्योन्मुखी” बताया। उन्होंने कहा कि यह सहयोग भारत की पारंपरिक वेलनेस प्रणालियों को मज़बूत करने और आयुर्वेद, औषधीय पौधों तथा भारतीय मसालों के वैश्विक एकीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रतापराव जाधव ने भारत की समृद्ध विरासत की चर्चा करते हुए कहा कि आयुर्वेद और भारतीय मसाले सदियों से निवारक स्वास्थ्य देखभाल, संतुलित जीवन शैली और प्राकृतिक वेलनेस ज्ञान के प्रतीक रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन दोनों क्षेत्रों का एकजुट होना किसानों, उद्योग जगत, स्टार्टअप्स, निर्यातकों और वैश्विक उपभोक्ताओं के हित में काम करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
माननीय मंत्री ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि यह सहयोग गुणवत्ता में सुधार, पता लगाने की क्षमता (ट्रेसिबिलिटी), वैज्ञानिक सत्यापन, नवाचार, निर्यात प्रोत्साहन और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों के विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित है। उन्होंने प्रस्तावित “स्पाइस एंड हील” पहल के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि यह एक प्रभावशाली ब्रांडिंग अभियान के रूप में उभर सकता है, जिससे भारत समग्र स्वास्थ्य और प्राकृतिक उपचार समाधानों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन सकता है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई), स्टार्टअप, महिला उद्यमियों, किसानों और युवा नवोन्मेषकों को सशक्त बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए मंत्री ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल, मेक इन इंडिया और हील इन इंडिया के दृष्टिकोण के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों और वेलनेस विरासत को देश की वैश्विक पहचान और आर्थिक प्रगति के महत्वपूर्ण स्तंभों के रूप में मान्यता दी है।
साझेदारी के दीर्घकालिक प्रभाव में विश्वास व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि समझौता ज्ञापन से निर्यात वृद्धि, रोजगार सृजन, ग्रामीण विकास, किसान सशक्तिकरण और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए नए अवसर उपलबध होंगे। उन्होंने साझेदारी की सफलता की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इससे वैश्विक वेलनेस और प्राकृतिक उत्पादों के क्षेत्र में भारत की प्रतिष्ठा और सुदृढ़ होगी।
समझौता ज्ञापन पर आयुषएक्सआईएल के अध्यक्ष डॉ. अनुराग शर्मा और भारतीय मसाला बोर्ड के सचिव एम. एस. मणिवन्नन, आईएएस ने हस्ताक्षर किए। इस सहयोग का उद्देश्य कार्यात्मक खाद्य पदार्थों, न्यूट्रास्युटिकल्स, हर्बल अर्क और मूल्य वर्धित आयुर्वेदिक और मसाला आधारित उत्पादों के लिए निर्यात संवर्धन, गुणवत्ता आश्वासन, मानकीकरण, अनुसंधान, नवाचार और अंतर्राष्ट्रीय बाजार विकास को मजबूत करके आयुष उत्पादों और औषधीय मसालों के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है।
इस साझेदारी के तहत, दोनों संगठन ब्रांडिंग पहलों, ट्रेसिबिलिटी फ्रेमवर्क, वैज्ञानिक सत्यापन, क्षमता बढ़ाना, कोडेक्स सहयोग और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों व संवर्धन कार्यों में संयुक्त भागीदारी करेंगे। इस पहल से निर्यातकों, किसानों, एमएसएमई, स्टार्टअप, महिला उद्यमियों और आयुष तथा मसाला क्षेत्रों से जुड़े हितधारकों के लिए नए अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है, जिससे भारत के निर्यात में वृद्धि होगी और वेलनेस अर्थव्यवस्था में उसकी वैश्विक पहचान को बढ़ावा मिलेगा।
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