बांग्लादेश में प्रोफेसर मोहम्मद युनूस की नेतृत्व वाली सरकार ने कानून व्यवस्था में सुधार के लिए सेना के कमीशन प्राप्त अधिकारियों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियां दे दी हैं। कल लोक प्रशासन मंत्रालय से जारी गजट अधिसूचना के अनुसार सभी पात्र सेना अधिकारी अगले 60 दिनों तक देशभर में जिला मजिस्ट्रेटों की निगरानी में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य कर सकेंगे। सेना मजिस्ट्रेट को दंड प्रक्रिया संहिता की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत अपराधों से जुड़ी गतिविधियों के निरीक्षण का अधिकार होगा।
बांग्लादेश में कोटा सुधार आंदोलन के दौरान हुई राष्ट्रव्यापी झड़पों के बाद तत्कालीन शेख हसीना सरकार ने 19 जुलाई की रात को समूचे देश में कर्फ्यू लगा दिया था और सेना तैनात कर दी थी। इसके बाद 5 अगस्त को छात्र आंदोलन से अवामी लीग सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया गया। तीन दिन बाद 8 अगस्त को नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री डॉ.मोहम्मद युनूस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार गठित की गई, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना की तैनाती जारी रही।
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