बांग्लादेश ने आज सुबह एक समन्वित अभियान में म्यांमार के सुरक्षा बलों के 288 सदस्यों को वापस भेज दिया, जिन्होंने सीमा पार शरण ली थी। इस समूह में म्यांमार बॉर्डर गार्ड पुलिस (बीजीपी), सेना और आव्रजन इकाइयों के सदस्य शामिल थे। बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड (बीजीबी) के अनुसार, ऑपरेशन बांग्लादेश अंतर्देशीय जल परिवहन प्राधिकरण (बीआईडब्ल्यूटीए) द्वारा निर्धारित किए गए स्थान पर सुबह 6 बजे शुरू हुआ।
प्रत्यावर्तन के अंतर्गत इन लोगों को सावधानीपूर्वक चरणबद्ध तरीके से म्यांमार बीजीपी को सौंपना शामिल था। सौंपने से पहले म्यांमार के अधिकारियों ने लौटने वालों की पहचान की पुष्टि की और उनके सभी दस्तावेजों की जांच की। इससे पहले कड़े सुरक्षा उपायों के बीच बीजीपी सदस्यों, सेना कर्मियों और सीमा शुल्क अधिकारियों सहित 330 अधिकारियों को 16 फरवरी को वापस भेजा गया था। आज सुबह बांग्लादेश से म्यांमार के कर्मियों को दूसरी बार वापस भेजा गया है।
म्यांमार में जुंटा सैनिकों और विद्रोही लड़ाकों अराकान सेना के बीच चल रही लड़ाई के बीच बांग्लादेश ने म्यांमार के साथ अपनी सीमा पर कड़ी सुरक्षा निगरानी के आदेश दिये हैं। ये लड़ाई म्यांमार के सीमावर्ती रखाइन क्षेत्र में सक्रिय है। जुंटा को चीन, भारत, बांग्लादेश और थाईलैंड के साथ सीमाओं के पास समन्वित हमलों का सामना करना पड़ रहा है और विश्लेषकों के अनुसार 2021 में सत्ता पर कब्जा करने के बाद से यह उसके शासन के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
म्यांमार के साथ बांग्लादेश की सीमा उत्तर में भारत के साथ त्रिकोणीय बिंदु से लेकर दक्षिण में बंगाल की खाड़ी तक 271 किलोमीटर तक फैली हुई है।
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