भारत ने कांगो में इबोला के प्रकोप को नियंत्रित करने के प्रयासों में सहयोग के लिए आपातकालीन चिकित्सा सहायता भेजी है। इथियोपिया स्थित अफ्रीका रोग नियंत्रण केन्द्र ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि भारत से भेजी गई आपातकालीन दवाएं युगांडा में पूर्वी अफ्रीका क्षेत्रीय समन्वय केंद्र को प्राप्त हुई है। इसमें आवश्यक निदान, उपचार, संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण सामग्री शामिल हैं। इसे कांगो के प्रभावित समुदायों तक पहुंचाया जाएगा।
अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने कांगो के बुंडीबुग्यो इबोला प्रकोप से निपटने के लिए भारत सरकार और भारत के लोगों द्वारा भेजी गई आपातकालीन चिकित्सा सहायता का स्वागत किया है। बुंडीबुग्यो स्ट्रेन, इबोला वायरस की छह ज्ञात प्रजातियों में से एक है। वर्ष 2007 में युगांडा में पहली बार इसकी पहचान होने के बाद से अफ्रीका के कुछ हिस्सों में समय-समय पर इसका प्रकोप होता रहा है। इबोला संक्रमित शारीरिक तरल पदार्थों, दूषित पदार्थों या संक्रमित जानवरों के सीधे संपर्क से फैलता है। इसके लक्षणों में बुखार और गंभीर मामलों में आंतरिक और बाहरी रक्तस्राव शामिल हैं।
महाराष्ट्र के मेलघाट और पेंच बाघ अभ्यारण्य गिद्धों के पुनर्वास मामले में, देश के सबसे…
ईरान की नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन तेल टैंकरों और अमरीका से…
महिला क्रिकेट में, दुबई में टी-20 एशिया कप के ग्रुप-ए मैच में भारत ने पाकिस्तान…
छत्तीसगढ़ में, जगदलपुर की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण की विशेष अदालत ने झीरम घाटी में हुए…
विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह चार दिन की यात्रा पर कल सऊदी अरब की राजधानी रियाद…
डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का उप-राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वे…