ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और जापान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की है। इन देशों ने ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात भी कही है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के कार्यालय की ओर से जारी संयुक्त बयान में, इन देशों ने ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की और उससे तुरंत कार्रवाई रोकने को कहा है। उन्होंने ईरान से अपील की कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापारिक जहाजों के लिए बंद करने की धमकी देना, बारूदी सुरंग बिछाना तथा ड्रोन और मिसाइल हमले तुरंत बंद करे।
बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय जहाजों के रास्ते में रुकावट और ऊर्जा आपूर्ति में बाधा दुनिया की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने यह भी कहा कि समुद्री मार्गों की आजादी अंतरराष्ट्रीय कानून का एक अहम सिद्धांत है और ईरान की कार्रवाई का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने नाटो सहित अन्य देशों से अपील की, कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से व्यापारिक जहाजों के लिए खोलने में मदद करें। ईरान पर अमरीका और इस्राएल के हमलों से तेल और गैस केंद्रों को नुकसान पहुंचा है, जिससे कीमतें बढ़ी हैं।
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग के अंतर्गत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) और…
जापान एशियाई खेलों में, भारतीय महिला क्रिकेट टीम आज स्वर्ण पदक के मुकाबले में श्रीलंका…
भारत का सेमीकंडक्टर बाजार वर्ष 2026 में करीब 64 अरब डॉलर से बढ़कर 2035 तक…
ब्रिटेन ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों से निपटने के लिए सऊदी अरब को…
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से…
व्यापार और आर्थिक साझेदारी की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए, भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार…