नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सी. पी. राधाकृष्णन को भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में पद की शपथ दिलाई। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी इस समारोह में मौजूद रहें।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में सी.पी. राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने सी.पी. राधाकृष्णन को जनता की सेवा के लिए समर्पित एक सफल उपराष्ट्रपति कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
वे इस महीने की नौ तारीख को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में विजयी घोषित हुए थे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार राधाकृष्णन ने चार सौ 52 मत हासिल किए और इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार और सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को एक सौ 52 मतों के अंतर से हराया।
4 मई 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में जन्मे सी.पी. राधाकृष्णन ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की है। आरएसएस स्वयंसेवक के रूप में शुरुआत करते हुए। वो 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य बने। सी.पी. राधाकृष्णन 1998 और 1999 में कोयंबटूर से दो बार लोकसभा के लिए चुने गए। संसद में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने वस्त्र के लिए संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। 2004 से 2007 के बीच सी.पी. राधाकृष्णन ने तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में काम किया। 2016 से 2020 तक उन्होंने कोच्चि के क्वायर बोर्ड अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। फरवरी 2023 में सी.पी. राधाकृष्णन को झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। उन्होंने तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल के रूप में भी कार्य किया है। भारत के उपराष्ट्रपति चुने जाने से पहले, सी.पी. राधाकृष्णन महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्यरत थे।
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