केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने इस वर्ष से लागू 10वीं की नई बोर्ड परीक्षा योजना के तहत पात्रता नियमों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है।
यह स्पष्टीकरण उन छात्रों और अभिभावकों की जिज्ञासाओं के बाद जारी किया गया है, जो व्यक्तिगत या चिकित्सीय कारणों से पहली परीक्षा में शामिल नहीं हो पाने की स्थिति में दूसरी परीक्षा देने को लेकर जानकारी चाहते थे।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है। यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों में अनुपस्थित रहता है, तो वह दूसरी परीक्षा के लिए पात्र नहीं होगा।
ऐसे छात्रों को “अनिवार्य पुनरावृत्ति” श्रेणी में रखा जाएगा और वे संबंधित विषयों की परीक्षा अगले वर्ष फरवरी में होने वाली मुख्य परीक्षा में ही दे सकेंगे।
बोर्ड के अनुसार, दूसरी परीक्षा केवल निर्धारित श्रेणियों के छात्रों के लिए है। पहली परीक्षा पास कर चुके छात्र, जो अपने अंक सुधारना चाहते हैं, “सुधार” श्रेणी के तहत अधिकतम तीन मुख्य विषयों-विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं-में दोबारा परीक्षा दे सकते हैं।
पहली परीक्षा में किसी एक विषय में अनुत्तीर्ण छात्र “कम्पार्टमेंट” श्रेणी के अंतर्गत दूसरी परीक्षा देकर उस विषय को उत्तीर्ण कर सकते हैं।
इसके अलावा, जो छात्र उत्तीर्ण हो चुके हैं लेकिन अपने पूरे परिणाम में सुधार के लिए किसी विषय को बदलना चाहते हैं, उन्हें भी दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी।
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