बिज़नेस

CCPA ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण कंपनियों के साथ वारंटी संबंधी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण कंपनियों के साथ एक बैठक की, जिसमें खरीद की तिथि के बजाय स्थापना की तिथि से वारंटी अवधि शुरू करने के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया गया। चूंकि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के निर्माताओं द्वारा निर्धारित नीतियों के अनुसार वारंटी अवधि खरीद की तिथि से शुरू होती है, न कि स्थापना की तिथि से, इसलिए उन उपकरणों की वारंटी अवधि कम हो जाती है, क्योंकि उपभोक्ता उत्पाद का उपयोग केवल अपने परिसर में उनके स्थापित होने के बाद ही शुरू कर सकते हैं।

इस बैठक की अध्यक्षता सीसीपीए की मुख्य आयुक्त निधि खरे ने की और इसमें रिलायंस रिटेल, एलजी, पैनासोनिक, हायर, क्रोमा और बॉश सहित प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक की शुरुआत मुख्य आयुक्त निधि खरे के संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने इस मुद्दे पर तीन मुख्य बिंदुओं पर रोशनी डाली। पहला, उपभोक्ता को वारंटी अवधि के आरंभिक बिंदु के बारे में स्पष्ट रूप से सूचित किया जाना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि उपभोक्ता को उत्पाद खरीदने के बाद वारंटी के विवरण के बारे में पता चले। दूसरा, कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं का पालन किया जाता है। तीसरा, वारंटी अवधि संबंधी उपभोक्ता शिकायतों का सक्रिय और त्वरित गति से समाधान किया जाना चाहिए।

अधिनियम की धारा 2(9) के तहत परिभाषित उपभोक्ता अधिकारों में, वस्तुओं, उत्पादों या सेवाओं की गुणवत्ता, मात्रा, क्षमता, शुद्धता, मानक और मूल्य के बारे में सूचित किए जाने का अधिकार शामिल है, ताकि उपभोक्ता को अनुचित व्यापार प्रथाओं से बचाया जा सके।

बैठक के दौरान, इस बात पर विचार-विमर्श किया गया कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आम तौर पर दो श्रेणियों के होते हैं – ‘प्लग-एन-प्ले’ उत्पाद जैसे आयरन प्रेस, माइक्रोवेव आदि, जिन्हें स्थापित करने की आवश्यकता नहीं होती है और ऐसे उत्पाद जिन्हें स्थापित करने की आवश्यकता होती है, जैसे एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर आदि।

बैठक के दौरान वारंटी अवधि की गणना करने की तिथि के रूप में स्थापना की तिथि रखने की व्यवहार्यता पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त, इस बात पर भी विचार-विमर्श किया गया कि इस व्यवस्था के दुरुपयोग को रोकने और उपभोक्ताओं के हितों की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपाय ढ़ूंढे जा सकते हैं।

उपभोक्ताओं की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, इस मुद्दे को अग्रसक्रिय तरीके से संबोधित करने के लिए कंपनियों के बीच आम सहमति थी। सभी कंपनियों से अनुरोध किया गया कि वे 15 दिनों के भीतर अपने विचार भेजें।

Editor

Recent Posts

सीसीआई ने फिडेलिटी फंड्स द्वारा वैल्यूड्राइव टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड में लगभग 6.63% अल्पांश शेयरधारिता के प्रस्तावित अधिग्रहण को मंजूरी दी

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने फिडेलिटी फंड्स द्वारा वैल्यूड्राइव टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड में 6.63% अल्पांश…

60 मिनट ago

ICC T20 क्रिकेट विश्व कप में भारत ने नामीबिया को 93 रन से हराया

ICC टी-ट्वेंटी विश्व कप में कल रात ग्रुप-ए के मैच में भारत ने नामीबिया को…

1 घंटा ago

बांग्‍लादेश में मतगणना जारी, बांग्‍लादेश नेशनलिस्‍ट पार्टी 13वें राष्‍ट्रीय चुनाव में निर्णायक जीत की ओर

बांग्‍लादेश में मतगणना जारी है। बांग्‍लादेश नेशनलिस्‍ट पार्टी 13वें राष्‍ट्रीय चुनाव में निर्णायक जीत की…

1 घंटा ago

RBI ने किसानों को व्यापक ऋण सुविधा के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के मसौदा नियमों में संशोधन किया

भारतीय रिज़र्व बैंक ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना के लिए संशोधित मसौदा नियम जारी किए…

1 घंटा ago

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और पुडुचेरी सरकार ने ब्लू इकॉनमी और तटीय लचीलेपन को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) और पुडुचेरी सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण…

1 घंटा ago

सीसीआई ने इनोमोटिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सीमेंस लिमिटेड के लो वोल्टेज मोटर व्यवसाय के अधिग्रहण को मंजूरी दी

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने अमुंडी एसेट मैनेजमेंट एस.ए.एस. (अधिग्रहणकर्ता) और आईसीजी पीएलसी (लक्ष्य कंपनी) के…

1 घंटा ago