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Central Advisory Committee conducted a high-level review of PM-AJAY and formulated a future roadmap for the upliftment of Scheduled Castes
भारत

केंद्रीय सलाहकार समिति ने पीएम-अजय की उच्च-स्तरीय समीक्षा की; अनुसूचित जातियों के उत्थान के लिए भविष्य का रोडमैप तैयार किया

प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) की केंद्रीय सलाहकार समिति (सीएसी) की उच्च-स्तरीय राष्ट्रीय बैठक आज नई दिल्ली के जीपीओए-3 स्थित मंथन हॉल में संपन्न हुई। इस सत्र की अध्यक्षता माननीय केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने की।

इस बैठक में केंद्रीय सलाहकार समिति (सीएसी) के सदस्यों ने भाग लिया, जिनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, तेलंगाना, राजस्थान और हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री शामिल थे। इनके अलावा, संसद सदस्य, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, नीति आयोग और विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के अधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित थे। समिति को संबोधित करते हुए, माननीय केंद्रीय मंत्री ने अनुसूचित जाति के समुदायों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

माननीय मंत्री ने योजना के अपेक्षित परिणाम प्राप्त करने के लिए राज्यों और केंद्र सरकार के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने राज्यों से इस योजना को लागू करने और समयबद्ध तरीके से निधियों का उपयोग करने का अनुरोध किया। उन्होंने सीएसी को बताया कि पीएम-अजय के दायरे का विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक सामाजिक और आर्थिक रूप से आकांक्षी अनुसूचित जाति समुदायों तक पहुंचा जा सके।

समिति ने वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक योजना के संचयी प्रदर्शन की समीक्षा की और योजना के तहत हुई प्रगति को सराहा। समिति ने इस बात पर ध्यान दिया कि 15,387 गांवों को सफलतापूर्वक “आदर्श ग्राम” घोषित किया गया है। सहायता अनुदान घटक के तहत राज्यों को सीधे 1,730 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है, जिससे 2.5 लाख से अधिक व्यक्तिगत व सामूहिक लाभार्थियों को कौशल विकास और सशक्तिकरण के लाभों के साथ-साथ परिसंपत्ति निर्माण और आजीविका के अवसर प्राप्त हुए हैं। सुरक्षित आवासीय सुविधाएं सुनिश्चित करने और उच्च शिक्षा में नामांकन को बढ़ावा देने के लिए 785 छात्रावासों का निर्माण कार्य पूरा किया गया है। समिति को अजय’ मोबाइल ऐप के लॉन्च के बारे में बताया गया; यह ऐप 24 भारतीय भाषाओं में डिजिटल-आधारित फील्ड सर्वेक्षणों को संभव बनाता है और सभी सामुदायिक परिसंपत्तियों की जियो-टैग तथा टाइम-स्टैम्प फोटो के माध्यम से सत्यापन को आवश्यक बनाता है।

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश से प्राप्त विशिष्ट जानकारियां:

राज्यों के माननीय मंत्रियों ने पीएम-अजय के तहत हुई प्रगति को रेखांकित किया और उसकी सराहना की, साथ ही पीएम-अजय के लिए अधिक निधि आवंटन का सुझाव दिया। उन्होंने इस योजना के तहत कार्यान्वयन और समन्वय के तरीकों को बेहतर बनाने के लिए भी सुझाव दिए। राज्यों के प्रतिनिधियों ने योजना के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर समन्वय को बेहतर करने और वित्तीय सहायता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। सीएसी ने योजना के अगले चरण के लिए एक भविष्योन्मुखी और आमूलचूल बदलाव को अपनाने पर व्यापक सहमति व्यक्त की:

पीएम-अजय का दायरा बढ़ाना: पीएम-अजय के भविष्य के रोडमैप में पीएम-अजय के तहत सभी तीन घटकों का विस्तार करने और देश भर में सबसे अधिक आकांक्षा रखने वाले अनुसूचित जाति समुदायों तक पहुंचने की परिकल्पना की गई है।

आजीविका और कौशल विकास के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण: अनुसूचित जाति समुदायों के आर्थिक उत्थान को सुनिश्चित करने के लिए, समिति ने अनुसूचित जाति समुदायों को आजीविका और कौशल विकास के अधिक अवसर प्रदान करने हेतु एक व्यापक और लक्षित दृष्टिकोण का सुझाव दिया।

सामाजिक समरसता के लिए छात्रावास: समिति ने अनुसूचित जाति के छात्रों के शैक्षिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने हेतु छात्रावासों के निर्माण के लिए अधिक धनराशि आवंटित करने की अनुशंसा की।

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