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Hero MotoCorp has introduced new motorcycles compatible with ethanol blends ranging from E-20 to E-85.
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हीरो मोटोकोर्प ने ई-20 से ई-85 तक एथेनॉल मिश्रण के अनुकूल नई मोटरसाइकिलों पेश की

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि फ्लेक्स फ्यूल वाहन भारत में कच्चे तेल के आयात में कमी लाने, एथेनॉल की मांग बढ़ाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने एवं कम-कार्बन उत्सर्जन को बढ़ावा देने का व्यावहारिक समाधान प्रदान करते हैं। केंद्रीय मंत्री आज नई दिल्ली में हीरो मोटोकोर्प के पहले फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिल के लॉन्च के अवसर पर ये बातें कही। इस कार्यक्रम में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी उपस्थित थे।

हरदीप सिंह पुरी ने इस लॉन्च को भारत के ऊर्जा इतिहास में एक नए अध्याय के रूप में वर्णित किया, जिसमें ई-20 से ई-85 तक एथेनॉल मिश्रण के अनुकूल नई मोटरसाइकिलों पेश की गई है। उन्होंने आगे कहा कि स्प्लेंडर+ और एचएफ डीलक्स फ्लेक्स फ्यूल मोटरसाइकिलों के लॉन्च के साथ भारत ने आत्मनिर्भर वाहनों के साथ बड़े पैमाने पर फ्लेक्स-फ्यूल मोबिलिटी के क्षेत्र में प्रवेश किया है। ‘भारत की बाइक, भारत का ईंधन!’

भारत विश्व की सबसे बड़ी दो-पहिया वाहन पारिस्थितिकी प्रणालियों में से एक है जहां 300 मिलियन से अधिक दो-पहिया वाहन दौड़ रहे हैं। फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक में अभूतपूर्व पैमाने पर मोबिलिटी को बदलने की क्षमता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज का ऐतिहासिक लॉन्च भारत की मोबिलिटी और इथेनॉल मिश्रण की दिशा में एक निर्णायक क्षण है, जो 2014 में केवल 1.5% से अब 20% मिश्रण तक पहुंच चुका है और हम आगे भी ऐसी बढ़ोत्तरी देखते रहेंगे। यह हमारी ऊर्जा आयात बिल में कमी लाने में मदद करेगा और हमारे किसानो को अतिरिक्त आय का एक स्रोत प्रदान करता रहेगा, जो अब देश के अन्नदाता से उर्जादाता बन चुके हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में भविष्य का मोबिलिटी पारिस्थितिकी तंत्र इलेक्ट्रिक वाहनों, जैव ईंधन, हाइड्रोजन एवं नवीकरणीय ऊर्जा को भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप एकीकृत करेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत अपनी कच्चे तेल की आवश्यकता का लगभग 88.5% आयात पर निर्भर करता है, जिससे अर्थव्यवस्था एवं ऊर्जा सुरक्षा भू-राजनीतिक संकटों के प्रति संवेदनशील हो जाती है।

वित्त वर्ष 2014-15 में शुरू हुए इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम से भारत को अबतक 1.84 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है, जिसके परिणामस्वरूप 302 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का विकल्प प्राप्त हुआ है और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में 909 लाख मीट्रिक टन की कमी हुई है। इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण परिणाम यह है कि इससे किसानों की आय में 1.58 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है, जिससे अन्नदाता अब ऊर्जादाता बन गए है।

मंत्री ने कहा कि अगर भारत में वार्षिक पेट्रोल वाहनों की बिक्री में 1% की वृद्धि भी होती है तो वर्ष 2026-27 की शुरुआत में 4 करोड़ लीटर इथेनॉल की मांग उत्पन्न होगी, जिसके लिए डिस्टिलरीज को लगभग 266 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ेगा और देश में 195 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत होगी। इससे कच्चे तेल के आयात में लगभग 0.28 लाख मीट्रिक टन की कमी आएगी और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में लगभग 0.86 लाख मीट्रिक टन की कमी होगी।

महत्वपूर्ण बात यह है कि तेल आयात के लिए देश से बाहर जाने वाले लगभग 160 करोड़ रुपये सीधे भारतीय किसानों तक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक के भारत के विशाल दोपहिया वाहन उद्योग में व्यापक रूप से फैलने से इसका प्रभाव परिवर्तनकारी होगा।

ई-85 फ्लेक्स ईंधन के कई लाभ हैं, जैसे कि वाहन निर्माण की लागत में कमी, बुनियादी संरचना में न्यूनतम पूंजीगत व्यय और तीव्र विस्तार (इलेक्ट्रिक वाहन नेटवर्क की तुलना में लगभग 10-15 गुना तेज)। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी घटकों के लिए आयात पर अत्यधिक निर्भर हैं और इनसे उत्पादन प्रक्रिया के दौरान कार्बन का बहुत उत्सर्जन होता है।

इसके विपरीत, फ्लेक्स फ्यूल वाहन घरेलू उत्पादित जैव ईंधन पर निर्भर करते हैं और बैटरी से संबंधित उत्सर्जन से बचते हैं, जिससे वे पूर्ण आत्मनिर्भर बनते हैं और कार्बन फुटप्रिंट में कमी आती है। इसके अलावा, फ्लेक्स-फ्यूल की मांग इथेनॉल कच्चे माल की मांग बड़ेगी और इसके माध्यम से हमारे किसानों को तुरंत आय सहायता प्राप्त होगी।

हरदीप सिंह पुरी ने आगे कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल मोबिलिटी उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक रूप से भी फायदेमंद होना चाहिए। अध्ययनों से पता चलता है कि अगर ई-85 ईंधन की कीमत ई-20 की तुलना में कम रखी जाए तो ईंधन की कम कीमत होने के कारण उपभोक्ता होने वाली बचत से लगभग तीन वर्षों में ही वाहन की लागत वसूल सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि सरकार किफायती फ्लेक्स-फ्यूल अपनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सहायक नीतिगत संरचना पर सक्रियता से विचार कर रही है।

फ्लेक्सी-फ्यूल के संदर्भ में आम गलत धारणाओं को समाप्त करते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत में ई-20 को लागू करने से पहले एसआईएएम,एआरएआई,आईओसीएल और वाहन निर्माताओं ने व्यापक परीक्षण किया था। मंत्री ने आगे कहा कि वैश्विक अनुभव, जिसमें ब्राजील द्वारा उच्च इथेनॉल मिश्रणों को सफलतापूर्वक अपनाना शामिल है, जिसे मैंने 2006-2008 के बीच ब्रासीलिया में अपनी नियुक्ति के दौरान देखा था, यह दर्शाता है कि फ्लेक्सी-फ्यूल मोबिलिटी प्रमाणित, विस्तार योग्य एवं विश्वसनीय है।

हरदीप सिंह पुरी ने हीरो मोटोकॉर्प को इस राष्ट्रीय यात्रा में अग्रणी कदम उठाने के लिए बधाई दी। कंपनी की नई मोटरसाइकिलें आंतरिक दहन इंजन और उन्नत ईंधन प्रणालियों से लैस हैं, जो ई-20 से ई85 तक किसी प्रकार के पेट्रोल एवं एथेनॉल मिश्रण पर चल सकती हैं।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि ईंधन मूल्य निर्धारण समर्थन एवं लक्षित प्रोत्साहनों सहित सहायक नीतियां इसको अपनाने की प्रक्रिया तेज कर सकती हैं, सामर्थ्य उत्पन्न कर सकती हैं और भारत को फ्लेक्स-फ्यूल मोबिलिटी समाधानों में वैश्विक नेता बना सकती हैं।

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