केंद्र सरकार ने जनगणना के पहले चरण के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। जनगणना का पहला चरण इस वर्ष पहली अप्रैल से 30 सितंबर तक चलेगा। इस चरण में घरों की गिनती की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में 30 दिन की अवधि निर्धारित होगी। गृह मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि इस अवधि के अनुसार घरों की गिनती शुरू होने से 15 दिन पहले तक लोगों को खुद भी यह जानकारी दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध होगी।
देश में पहली बार डिजिटल तरीके से जनगणना की जाएगी। इसके तहत यह आंकडे एन्ड्राएड मोबाइल के साथ–साथ आईओएस वर्जन से एकत्रित किए जाएंगे। जनगणना का आंकडा जमा करने के लिए 30 लाख कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। इन कर्मचारियों में एन्यूमरेटर, सुपरवाइज़र, मास्टर ट्रेनर, चार्ज ऑफिसर और प्रधान या जिला जनगणना अधिकारी होंगे। ये लोग आंकडे एकत्रित करने के साथ ही निरीक्षण और जनगणना के संचालन की निगरानी करेंगे। जनगणना दो चरणों में होगी।
पहले चरण में अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच घरों की सूची बनाने के साथ ही इसकी गणना की जाएगी। दूसरे चरण के तहत, फरवरी 2027 में जनसंख्या की गणना होगी। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख तथा जम्मू–कश्मीर और बर्फ से ढके हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड राज्यों के लिए जनसंख्या की गणना इस साल सितंबर में की जाएगी। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने की बारह तारीख को 11 हजार 718 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से भारत की जनगणना 2027 कराने की योजना को मंज़ूरी दी थी। इसके अलावा राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति ने पिछले साल तीस अप्रैल को एक बैठक में इस जनगणना में जाति गणना में शामिल करने का फैसला किया था।
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