केंद्र सरकार ने असम के ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पंद्रहवें वित्त आयोग (एक्सवी एफसी) के अनुदान राशि जारी की गई है। इसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 219.24 करोड़ रुपये के असंबद्ध (अनटाइड) अनुदान की दूसरी किस्त शामिल है। यह धनराशि राज्य की सभी पात्र 27 जिला पंचायतों (डीपी), सभी पात्र 182 ब्लॉक पंचायतों (बीपी) और सभी पात्र 2192 ग्राम पंचायतों (जीपी) के लिए है। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए खुले अनुदान की पहली किस्त के रोके गए 4.698 करोड़ रुपये की राशि अतिरिक्त पात्र 26 ब्लॉक पंचायतों के लिए भी जारी की गई है।
पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के माध्यम से, राज्यों को पंचायती राज संस्थाओं/ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग के अनुदान जारी करने की अनुशंसा करती है, इन्हें बाद में वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है। आवंटित अनुदानों की अनुशंसा की जाती है और उन्हें एक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में जारी किया जाता है।
पंचायती राज संस्थाओं/ग्रामीण स्थानीय निकायों द्वारा संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में निहित 29 विषयों के अंतर्गत वेतन और अन्य स्थापना लागतों को छोड़कर, स्थान-विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए असंबद्ध अनुदानों का उपयोग किया जाएगा। बद्ध (टाइड) अनुदानों का उपयोग (क) स्वच्छता और खुले में शौच से मुक्ति (ओडीएफ) स्थिति के रखरखाव की बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है और इसमें विशेष रूप से घरेलू कचरे का प्रबंधन और शोधन, मानव मल तथा मल प्रबंधन और (ख) पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण शामिल होना चाहिए।
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