केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान मिजोरम के ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) को पंद्रहवें वित्त आयोग (XV एफसी) के अनुदान के रूप में 14.80 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह राशि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अप्रतिबंधित अनुदान की पहली किस्त है और इससे राज्य की सभी पात्र 816 ग्राम परिषदों को लाभ मिलेगा।
भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के माध्यम से ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) के लिए राज्यों को पंद्रहवें वित्त आयोग के अनुदान जारी करने की सिफारिश करती है, जिसे वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है। आवंटित अनुदान एक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में जारी किए जाते हैं। अबंधित अनुदानों का उपयोग आरएलबी द्वारा संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में निहित 29 विषयों के अंतर्गत, वेतन और अन्य स्थापना लागतों को छोड़कर, स्थान-विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए किया जाएगा। बंधित अनुदानों का उपयोग (क) स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) स्थिति के रखरखाव के लिए किया जा सकता है, जिसमें घरेलू अपशिष्ट प्रबंधन एवं उपचार, विशेष रूप से मानव मल और मल कीचड़ प्रबंधन शामिल होना चाहिए और (ख) पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल की रिसाइकिलिंग जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है।
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