भारतीय रेलवे प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान बनाए जाने वाले तीनों रथों का एक-एक पहिया प्राप्त करेगा और उन्हें पुरी रेलवे स्टेशन के कॉनकोर्स के मध्य में स्थापित किया जाएगा। इस स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास किया जा रहा है। रथ बनाने वाले प्रमुख वास्तुकारों में से एक मनोजय रथ ने बताया, ‘‘हर साल रथयात्रा समाप्त होने के बाद तो तीन रथों को विखंडित कर उनकी लकड़ी का उपयोग मंदिर की रसोई में ‘कोठा भोग’ (देवताओं के लिए व्यंजन) पकाने के लिए किया जाता है।’’ उन्होंने बताया, ‘‘लेकिन भारतीय रेलवे हमारे डिजाइन के अनुसार इस साल जून के अंत या जुलाई की शुरुआत में होने वाली आगामी रथ यात्रा के बाद तीनों रथों में से प्रत्येक से एक पहिया खरीदेगा और इन्हें विश्वस्तरीय बनने जा रहे पुरी रेलवे स्टेशन में स्थापित करेगा।
2026 के मध्यावधि चुनावों के बाद पूरे अमरीका में वोटों की गिनती चल रही है।…
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन-डीआरडीओ ने कल ओडिशा के चांदीपुर एकीकृत परीक्षण केंद्र से स्वदेशी…
भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई के क्षेत्र में एक बड़ी पहल की है। सरकार ने कल…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया में प्रकाशित उस खबर पर संज्ञान लिया है, जिसमें…
भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि ने 29 अक्टूबर, 2026 को कोरिया गणराज्य के बुसान…
भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले 'कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य…