चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने वायु सेना (आईएएफ) की 92वीं वर्षगांठ पर सभी वायु योद्धाओं, सेवानिवृत्त सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दी हैं।
सीडीएस ने अपने संदेश में कहा, “1932 में अपनी स्थापना के बाद से भारतीय वायु सेना वीरता, उत्कृष्टता और राष्ट्रीय गौरव के एक उज्ज्वल उदाहरण के रूप में उभरी है। वायु वीरों ने युद्धों और मानवीय मिशनों में निर्णायक योगदान देते हुए भारत के वायु क्षेत्र की रक्षा की है। उनकी निस्वार्थ सेवा, सूक्ष्मता और बहादुरी श्रद्धा को प्रेरित करती है, और उनके अटूट समर्पण और अद्वितीय सेवा का प्रमाण हैं। आज हम इस विरासत का सम्मान करते हैं और स्वीकार करते हैं।”
“हमने राफेल जेट और अपाचे हेलीकॉप्टर जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों को शामिल करके अपनी क्षमताओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। भारतीय वायुसेना के आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित करने से हल्के लड़ाकू विमान तेजस और हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड का सफल विकास हुआ है, जो स्वदेशी नवाचार के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारे वायु योद्धाओं ने मानवीय सहायता और आपदा राहत प्रयासों सहित विभिन्न अभियानों में असाधारण कौशल का प्रदर्शन किया है, जो भारतीय वायुसेना की तत्परता और जवाबदेही को दर्शाता है। रखरखाव सहायता प्रणालियों को मजबूत किया गया है, जिससे विमान की अधिकतम सेवा क्षमता सुनिश्चित हुई है और डाउनटाइम यानी किसी खामी की वजह से बेकार पड़े रहने का समय कम हुआ है। हमने मित्र देशों के साथ संयुक्त अभ्यास और सहकार्यता में भाग लेकर अपनी अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत किया है। इन गतिविधियों ने हमारी परिचालन प्रभावशीलता को बढ़ाया है और वैश्विक विमानन समुदाय में सहयोग को बढ़ावा दिया है।
जनरल अनिल चौहान ने कहा कि एक शक्तिशाली तकनीक-संचालित बल के रूप में भारतीय वायुसेना भारत की संप्रभुता और हितों की रक्षा करते हुए सतर्क है। यह प्रौद्योगिकी में नवीनतम प्रगति का उपयोग करने, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने और अपने जवानों की विशेषज्ञता को पोषित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना हमारे देश के हितों की रक्षा करते हुए और साहस, प्रतिबद्धता तथा उत्कृष्टता के मूल्यों को बनाए रखते हुए और अधिक ऊंचाइयों को छूती रहेगी।
सीडीएस ने सभी श्रेणी के जवानों और उनके परिवारों के प्रति हार्दिक आभार और प्रशंसा व्यक्त की और कहा कि उनकी निस्वार्थ सेवा प्रेरणा की किरण है और राष्ट्र इस महत्वपूर्ण अवसर पर उनका सम्मान करता है।
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