ओडिशा में 10 मिलियन टन प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता वाली नैनी कोयला खदान 13.08.2015 को सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) को आवंटित की गई थी। इससे निकलने वाले कोयले का एससीसीएल के ताप विद्युत संयंत्र में कैप्टिव उपयोग के लिए इस्तेमाल किया जाना था। अक्तूबर 2022 में स्टेज-II वन मंजूरी प्राप्त होने के बाद वन भूमि सौंपने में इस खदान को असामान्य देरी का सामना करना पड़ रहा था, जिससे खदान के संचालन में देरी हुई है।
कार्यभार संभालने के बाद, केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सहकारी संघवाद की भावना से लंबे समय से लंबित इस मुद्दे को हल करने और खदान को जल्द से जल्द चालू करने के लिए ओडिशा सरकार के साथ व्यापक चर्चा की है। इसके परिणामस्वरूप, 04.07.2024 को एससीसीएल को 643 हेक्टेयर वन भूमि सौंपने की मंजूरी दे दी गई है। श्री जी किशन रेड्डी ने इस मुद्दे को जल्दी से हल करने के लिए ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण मांझी को विशेष रूप से धन्यवाद दिया।
अब एससीसीएल के जल्द ही खदान से उत्पादन शुरू करने की उम्मीद है। इस कदम से तेलंगाना की ऊर्जा सुरक्षा जरूरतों को और ज्यादा मजबूती और सुरक्षा मिलेगी।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 23,731 करोड़ रुपये के कुल…
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने…
भारतीय हॉकी ने 30 अगस्त से 13 सितम्बर तक चीन में होने वाले एएचएफ जूनियर…
ओडिशा में बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है। जलाशय का स्तर बनाए रखने…
जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा सुरक्षा कारणों से एक दिन के लिए स्थगित रहने के बाद…
बम्बई उच्च न्यायालय ने तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 में अपनी कनिष्ठ…