जून माह में कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से कोयला उत्पादन 15.57 मिलियन टन (एमटी) और डिस्पैच 17.31 मिलियन टन (एमटी) रिकॉर्ड किया गया है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में कोयले के उत्पादन और डिस्पैच में मजबूत वृद्धि देखी गई है, जिसमें पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में उत्पादन में 16.39 प्रतिशत और डिस्पैच में 13.03 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह कोयले की उत्कृष्ट दक्षता और खनन क्षमता के बेहतर उपयोग को दर्शाता है।
संलग्न ग्राफ स्पष्ट रूप से प्रथम तिमाही के अंत से लगातार तीन वर्षों में प्रदर्शन में निरंतर सुधार को दर्शाता है, जिसमें उत्पादन और डिस्पैच दोनों में मजबूत वृद्धि देखी गई है।
जून 2025 में प्रमुख घटनाक्रम
यह वृद्धि बिजली उत्पादन, इस्पात निर्माण और सीमेंट उत्पादन जैसे प्रमुख उद्योगों को कोयले की विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करती है, जिससे भारत के औद्योगिक ढांचे की रीढ़ मजबूत होती है। ये उपलब्धियां मंत्रालय के केंद्रित प्रयासों को रेखांकित करती हैं।
घरेलू कोयला उत्पादन को बढ़ाना, एक लचीले और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण योगदान देना है।
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