राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), भारत ने उस मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया है, जिसमें 26 जून, 2025 को ओडिशा के गंजम जिले में दूसरे समुदाय के कुछ लोगों द्वारा मवेशियों की तस्करी करने के संदेह में अनुसूचित जाति के दो व्यक्तियों की पिटाई की गई। इतना ही नहीं, उन्हें घास खाने और नाले का पानी पीने के लिए भी मजबूर किया गया। उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए और उनके सिर भी जबरन मुंडवा दिए गए।
आयोग ने पाया है कि अगर समाचार रिपोर्ट की सामग्री सच है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। आयोग ने ओडिशा के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को मामले का नोटिस भेजकर 2 सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
रिपोर्ट में अपराधियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई तथा पीड़ितों को प्रदान किए गए मुआवजे (यदि कोई हो) का विवरण शामिल होने की उम्मीद है।
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