राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), भारत ने उस मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया है, जिसमें 26 जून, 2025 को ओडिशा के गंजम जिले में दूसरे समुदाय के कुछ लोगों द्वारा मवेशियों की तस्करी करने के संदेह में अनुसूचित जाति के दो व्यक्तियों की पिटाई की गई। इतना ही नहीं, उन्हें घास खाने और नाले का पानी पीने के लिए भी मजबूर किया गया। उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए और उनके सिर भी जबरन मुंडवा दिए गए।
आयोग ने पाया है कि अगर समाचार रिपोर्ट की सामग्री सच है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। आयोग ने ओडिशा के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को मामले का नोटिस भेजकर 2 सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
रिपोर्ट में अपराधियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई तथा पीड़ितों को प्रदान किए गए मुआवजे (यदि कोई हो) का विवरण शामिल होने की उम्मीद है।
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भारत के स्वतंत्रता दिवस के भव्य वैश्विक समारोह के अंतर्गत, हर घर तिरंगा 2026 की एक विशेष पहल ‘सूर्यपथ तिरंगा’ ने राष्ट्रीय ध्वज की भावना को पूरी दुनिया में पहुंचाया। यह पहल उगते सूर्य के पथ का अनुसरण करते हुए फिजी में भारतीय समयानुसार रात डेढ़ बजे से सैन फ्रांसिस्को में रात साढ़े आठ बजे भारतीय समयानुसार तक तक चली। इस अनूठे वैश्विक रिले ने विभिन्न देशों और महाद्वीपों में स्थित 54 मिशनों और पोस्टों को जोड़ा तथा सूर्य की गति को दुनिया भर में तिरंगे की प्रतीकात्मक यात्रा में परिवर्तित कर दिया। फिजी के सुवा में भारतीय समयानुसार रात डेढ़ बजे से शुरू होकर तिरंगा न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया गणराज्य, चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम,…
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