ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर कल हुए इस्राएल के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। इस्राएल ने ईरान के सबसे बड़े गैस संयंत्र असलूयेह स्थित साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमला किया। इस घटनाक्रम से जवाबी कार्रवाई और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान की आशंकाएं बढ़ गई हैं।
सऊदी अरब में मिसाइलों को रोके जाने, अल जुबैल में लगी आग और ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर हुए हमलों ने पश्चिम एशिया में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों के लिए जोखिम बढ़ा दिया है और व्यापक क्षेत्रीय अस्थिरता के बारे में चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।
इस बीच, अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर ईरान समझौते और तय समय सीमा से पहले होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमत नहीं होता है तो अमरीका, ईरान के ऊर्जा और परिवहन ढांचे को निशाना बनाकर उसे तबाह कर देगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने एक स्वीकार्य समझौते के लिए भारतीय समय के अनुसार कल सुबह साढ़े पांच बजे तक का समय निर्धारित किया है।
उधर ईरान ने युद्धविराम के अमरीकी प्रस्ताव को खारिज किया है और हमले बंद करने, पुनर्निर्माण सहायता देने और प्रतिबंध हटाने की मांग की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नॉर्वे के महामहिम सम्राट हेराल्ड पंचम ने आज ओस्लो में आयोजित…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नॉर्वे के ओस्लो पहुंच गए हैं। प्राधानमंत्री मोदी का ओस्लो में पारंपरिक…
गृह मंत्री अमित शाह ने आज रायपुर में 112 नम्बर वाली आपातकालीन सेवाओं के लिए…
पश्चिम बंगाल सरकार मंत्रिमंडल ने राज्य सरकार, विभिन्न सरकारी बोर्डों, निगमों और अन्य राज्य-सहायता प्राप्त…
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा…
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि भारत ने इस वर्ष…