देश में चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर छह दशमलव दो प्रतिशत दर्ज हुई जो इससे पिछली तिमाही में पांच दशमलव छह प्रतिशत दर्ज हुई थी। इस तरह भारत ने दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था का तमगा बरकरार रखा है। देश में पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 8 दशमलव 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े यह दर्शा रहे हैं कि देश में अच्छे मानसून के बाद ग्रामीण खपत में वृद्धि के साथ सरकारी खर्च में वृद्धि का अनुकूल परिणाम निकला है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी पहले संशोधित अनुमान के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में वास्तविक जीडीपी में 6 दशमलव 5 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है।
मंत्रालय ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान वास्तविक वृद्धि दर 9 दशमलव 2 प्रतिशत दर्ज हुई जो पिछले 12 वर्षों के दौरान कोविड के बाद वित्त वर्ष 2022 को छोडकर सर्वाधिक है। आलोच्य अवधि में ‘विनिर्माण’ क्षेत्र में 12 दशमलव 3 प्रतिशत निर्माण क्षेत्र 10 दशमलव 4 प्रतिशत और वित्तीय, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवा’ क्षेत्र में दोहरे अंकों में वृद्धि हुई।
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