कृषि और ग्रामीण मजदूरों दोनों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-सीपीआई फरवरी 2025 में 7 अंक घटकर एक हजार 309 और एक हजार 321 अंक पर आ गया है।
श्रम और रोजगार मंत्रालय के अनुसार, कृषि मजदूरों के लिए-सीपीआई पर आधारित वर्ष प्रतिवर्ष मुद्रास्फीति दर पिछले साल फरवरी में 7 दशमलव चार तीन प्रतिशत की तुलना में 4 दशमलव शून्य पांच प्रतिशत दर्ज की गई।
इसी अवधि के लिए ग्रामीण मजदूरों के लिए सीपीआई पिछले साल फरवरी में 7 दशमलव तीन छह प्रतिशत की तुलना में 4 दशमलव एक शून्य प्रतिशत दर्ज की गई।
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