रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, सेना प्रमुखों, रक्षा सचिव, रक्षा उत्पादन सचिव और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्यक्ष के साथ बैठक के दौरान पश्चिम एशिया की स्थिति और भारत की रक्षा तैयारियों पर इसके प्रभाव का जायजा लिया। उन्हें वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य, मौजूदा संघर्षों के संभावित विस्तार के भारत पर पड़ने वाले प्रभाव के साथ-साथ वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति से उत्पन्न चुनौतियों और अवसरों के बारे में जानकारी दी गई। मौजूदा उपकरणों के रखरखाव और सेवाक्षमता सहित रक्षा उपकरणों की खरीद और उत्पादन के लिए आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पर स्थिति के प्रभाव का भी विश्लेषण किया गया।
रक्षा मंत्री ने निर्देश दिया कि भारत की तैयारियों को बेहतर बनाने के लिए मौजूदा संघर्ष से मिले परिचालन और तकनीकी सबक का निरंतर अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें अगले दशक के लिए एक व्यापक एकीकृत रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता है, जिसमें सीखे गए सबक, आगे आने वाली चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए सभी मोर्चों पर आत्मनिर्भरता और परिचालन तत्परता सुनिश्चित की जाए।”
ग्रेटर नोएडा के दयानतपुर के पास दिल्ली से महोबा जा रही बस में आग लगने…
NSE के शेयर ₹1,785 प्रति शेयर के इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹1,800 प्रति शेयर पर…
बंगाल की खाड़ी में बना गहरे दबाव का क्षेत्र कलिंगपट्टनम के पास उत्तरी आंध्र प्रदेश…
दिल्ली सरकार ने महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को सुरक्षित, साफ़-सुथरा और सम्मानजनक रोज़गार का अवसर…
उज्बेकिस्तान के समरकंद में चल रहे फिडे शतरंज ओलंपियाड में भारतीय पुरुष टीम ने शानदार…
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने एफआईएच मॉरीशस इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (अधिग्रहणकर्ता) द्वारा आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड…