राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में एक निजी अस्पताल में 17 मार्च 2026 को सेप्टिक टैंक की सफाई करते समय जहरीली गैस से तीन सफाई कर्मचारियों की मृत्यु होने की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। रिपोर्ट के अुनसार मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि न तो अस्पताल प्रबंधन और न ही निजी ठेकेदार ने उन्हें सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए थे।
मानवाधिकार आयोग ने कहा कि समाचार रिपोर्ट सही है, तो यह जान गंवाने वाले लोगों के मानवाधिकार के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा है। आयोग ने इस सिलसिले में जिला मजिस्ट्रेट और रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
2026 के मध्यावधि चुनावों के बाद पूरे अमरीका में वोटों की गिनती चल रही है।…
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन-डीआरडीओ ने कल ओडिशा के चांदीपुर एकीकृत परीक्षण केंद्र से स्वदेशी…
भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई के क्षेत्र में एक बड़ी पहल की है। सरकार ने कल…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया में प्रकाशित उस खबर पर संज्ञान लिया है, जिसमें…
भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि ने 29 अक्टूबर, 2026 को कोरिया गणराज्य के बुसान…
भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले 'कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य…