रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नव वर्ष की पूर्व संध्या पर विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं, सुधारों और भविष्य की गतिविधियों में हुई प्रगति की समीक्षा के लिए रक्षा मंत्रालय के सभी सचिवों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। वर्तमान एवं भविष्य के सुधारों को गति देने के लिए ही रक्षा मंत्रालय में सर्वसम्मति से साल 2025 को ‘सुधार वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य सशस्त्र बलों को तकनीकी रूप से उन्नत और युद्धक परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार बल में रूपांतरित करना है, जो बहु-क्षेत्रीय एकीकृत संचालन में सक्षम हो। वर्ष 2025 में प्रमुख हस्तक्षेप के लिए निम्नलिखित व्यापक क्षेत्रों की पहचान की गई है:
रक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि ‘सुधार का वर्ष’ सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण की यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह देश की रक्षा तैयारियों में अभूतपूर्व प्रगति की नींव रखेगा, जिससे 21वीं सदी की चुनौतियों के बीच राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता सुनिश्चित करने की तैयारी पूरी होगी।
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