रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग (डीडीपी) ने छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची (पीआईएल) अधिसूचित की है, जिसमें सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 405 वस्तुएं शामिल हैं। इनका अनुमानित व्यापार मूल्य 3,070 करोड़ रुपये है। इस सूची में लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स, सब-सिस्टम, सब-असेंबली, स्पेयर पार्ट्स, कंपोनेंट्स और कच्चा माल शामिल हैं। इनमें भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) की 16 वस्तुएं और सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रमों (डीपीएसयू) की 389 वस्तुएं शामिल हैं। ये वस्तुएं रक्षा प्लेटफार्मों और प्रणालियों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करती हैं, जिनमें शामिल हैं:
405 वस्तुओं की छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची
इन वस्तुओं की विस्तृत सूची सृजन पोर्टल (srijandefence.gov.in) पर भी उपलब्ध है। प्रत्येक वस्तु के स्वदेशीकरण के लिए एक सांकेतिक समयसीमा दी गई है। स्वदेशीकरण सफल होने पर, इन वस्तुओं की खरीद भारतीय रक्षा उद्योग से की जाएगी। डीपीएसयू और आईसीजी उद्योग विशेष रूप से एमएसएमई की भागीदारी के साथ, अपनी ‘निर्माण’ प्रक्रिया और आंतरिक विकास सहित विभिन्न माध्यमों से स्वदेशीकरण का कार्य करेंगे।
यह छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची (पीआईएल) आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत रक्षा विनिर्माण में आत्म-निर्भरता को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों में एक और कदम है। इससे भारतीय उद्योग के लिए अवसरों का विस्तार होने, घरेलू रक्षा विनिर्माण प्रणाली को मजबूत करने, निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने तथा आयात पर निर्भरता कम करने में योगदान मिलने की उम्मीद है।
रक्षा उत्पादन विभाग (डीडीपी) ने अगस्त 2020 में सृजन रक्षा पोर्टल लॉन्च किया। यह एक समर्पित मंच है जिसके माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रम और सेवा मुख्यालय (एसएचक्यू) स्वदेशी विकास और उत्पादन के लिए लघु एवं मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप्स सहित उद्योग को रक्षा सामग्री उपलब्ध कराते हैं। अपनी शुरूआत के बाद से ही इस पोर्टल ने जून 2026 तक रक्षा उपक्रमों और एसएचक्यू द्वारा स्वदेशीकरण के लिए 33,000 से अधिक रक्षा सामग्री उपलब्ध कराने में सुविधा प्रदान की है। इनमें पहली पांच सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियों के तहत अधिसूचित 5,012 वस्तुएं शामिल हैं।
पिछले पांच वर्षों में 15,700 से अधिक रक्षा वस्तुओं का स्वदेशीकरण सफलतापूर्वक किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 9,000 करोड़ रुपये के आयात प्रतिस्थापन का अनुमान है। इसके अतिरिक्त, रक्षा उपक्रमों (डीपीएसयू) ने मार्च 2026 तक घरेलू विक्रेताओं को लगभग 10,000 करोड़ रुपये के खरीद आदेश दिए हैं, जिनमें स्वदेशी उत्पादन भी शामिल है।
भारत ने एएफसी अंडर-20 फुटबॉल एशिया कप में प्रवेश कर लिया है। भारत ने ताश्कंद…
ओपेक प्लस समूह के सात प्रमुख देशों सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और…
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन – इसरो ने मीडिया की उन अटकलों और गलत सूचनाओं पर…
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत ढहने…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और फ्रांस के…
विदेश मंत्रालय ने समान क्षेत्रफल वाले विश्व मानचित्र को लेकर भारत का रुख स्पष्ट किया…