केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2024-25 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और विदेशी निवेश के लिए नियमों और विनियमों को सरल बनाने की घोषणा की थी। इसी घोषणा के अनुसरण में, एक पहल के रूप में, वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) ने दिनांक 16.08.2024 की अधिसूचना के माध्यम से विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण साधन) नियम, 2019 में संशोधन किया है।
इन संशोधनों का उद्देश्य सीमा पार शेयर स्वैप को सरल बनाना तथा विदेशी कंपनी इक्विटी उपकरणों के बदले भारतीय कंपनी इक्विटी उपकरणों को जारी करने या स्थानांतरित करने का प्रावधान करना है। इससे विलय, अधिग्रहण तथा अन्य रणनीतिक पहलों के माध्यम से भारतीय कंपनियों के वैश्विक विस्तार में सुविधा होगी। इससे भारतीय कंपनियां नए बाजारों तक पहुंच सकेंगी तथा दुनिया भर में अपनी उपस्थिति बढ़ा सकेंगी। इसमें एक अन्य अहम बदलाव प्रवासी भारतीय (ओसीआई) स्वामित्व वाली संस्थाओं द्वारा गैर-प्रत्यावर्तन आधार पर किए गए डाउनस्ट्रीम निवेशों के उपचार पर और स्पष्टता लाता है, जो इसे अनिवासी भारतीय (एनआरआई) स्वामित्व वाली संस्थाओं के उपचार के साथ तालमेल बिठाता है।
इन संशोधनों में अन्य परिवर्तनों में शामिल हैं:
ये संशोधन विदेशी निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं। इसके साथ ही, नियमों को सरल बनाने और व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देने के लिए निरंतर उपाय किए जा रहे हैं।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और अमरीका के बीच…
मौसम विभाग ने आज भीतरी कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी और कराईकल में तेज…
उत्तराखंड में चमोली जिला स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए…
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में आयोजित एक बैठक में…
समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) अध्यक्ष पी. जवाहर, आईएएस ने कहा कि चुनौती भरी…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ सार्थक वार्ता…