नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकारों को अपने संवैधानिक अधिकार क्षेत्र से बाहर के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। यह टिप्पणी केरल सरकार द्वारा एक वरिष्ठ अधिकारी को ‘‘विदेश मामलों में सहयोग’’ का जिम्मा सौंपे जाने के कुछ दिन बाद आई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची सूची 1-संघ सूची, विषय 10 में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि विदेशी मामले और वे सभी मामले जो संघ को किसी अन्य देश के साथ संबंध में लाते हैं, संघ सरकार का एकमात्र विशेषाधिकार हैं।”
उन्होंने कहा, ‘‘यह समवर्ती विषय नहीं है और निश्चित रूप से राज्य का विषय भी नहीं है। हमारा रुख यह है कि राज्य सरकारों को ऐसे मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए जो उनके संवैधानिक अधिकार क्षेत्र से बाहर हों।’’
राष्ट्रपति दौपदी मुर्मु ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल और उपराज्यपालों की…
केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने पश्चिम एशियाई क्षेत्र में कल से ग्यारह मार्च तक होने…
भारत आईसीसी टी-20 क्रिकेट विश्वकप के फाइनल में पहुंच गया है। कल रात मुंबई के…
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारत को समुद्र में फंसे रूसी तेल की…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज फ्रांस राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ चर्चा की। बातचीत के…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश के इंदौर में 2 मार्च 2026 को सीवर…