अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रोजेक्ट फ्रीडम अभियान कुछ समय के लिए स्थगित करने की घोषणा की है। डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष समाप्त करने के लिए व्यापक समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि हाल के सैन्य घटनाक्रमों और राजनयिक वार्ताओं में हुई प्रगति के कारण यह निर्णय लिया गया है। रविवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू करने की घोषणा की थी। डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि दुनिया भर के देशों ने इस जलमार्ग से अपने जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए सहायता का अनुरोध किया था।
ये हमले अमरीका द्वारा प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू करने के कुछ ही घंटे बाद 4 मई को शुरू हुए जो खाड़ी में फंसे वाणिज्यिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकालने के लिए सैन्य सुरक्षा के साथ चलाया जाने वाला अभियान था। ईरान, जिसने फरवरी के अंत में युद्ध शुरू होने के बाद से जलडमरूमध्य पर नियंत्रण करने की कोशिश की है, उसने अमरीकी नौसेना के जहाजों और अमरीकी संरक्षण में चल रहे वाणिज्यिक जहाजों पर क्रूज मिसाइलों और ड्रोन से हमला करके जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद उसने संयुक्त अरब अमीरात पर निशाना साधते हुए नागरिक स्थलों और सुविधाओं पर 12 बैलिस्टिक मिसाइलें, तीन क्रूज मिसाइलें और चार ड्रोन दागे। वायु रक्षा प्रणालियों ने अधिकांश मिसाइलों को रोक दिया, लेकिन फुजैराह में एक तेल संयंत्र पर ड्रोन हमले से आग लग गई, जिसमें तीन भारतीय नागरिक मामूली रूप से घायल हो गए। कई देशों ने तनाव कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया और बढ़ते तनाव के लिए पूरी तरह से तेहरान को जिम्मेदार ठहराया। कई देशों ने यह भी संकेत दिया है कि वे ईरान के प्रति अपने दृष्टिकोण का पुनर्मूल्यांकन कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि…
ओडिशा की बैतरानी नदी में बाढ़ से राज्य के उत्तरी क्षेत्र में जन-जीवन प्रभावित हो…
राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान आज से 15 सितम्बर तक आम जनता के लिए खुला…
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने विदेशी संपत्तियों से जुड़े छोटे करदाताओं के लिए विदेशी संपत्ति…
भारत के स्वतंत्रता दिवस के भव्य वैश्विक समारोह के अंतर्गत, हर घर तिरंगा 2026 की एक विशेष पहल ‘सूर्यपथ तिरंगा’ ने राष्ट्रीय ध्वज की भावना को पूरी दुनिया में पहुंचाया। यह पहल उगते सूर्य के पथ का अनुसरण करते हुए फिजी में भारतीय समयानुसार रात डेढ़ बजे से सैन फ्रांसिस्को में रात साढ़े आठ बजे भारतीय समयानुसार तक तक चली। इस अनूठे वैश्विक रिले ने विभिन्न देशों और महाद्वीपों में स्थित 54 मिशनों और पोस्टों को जोड़ा तथा सूर्य की गति को दुनिया भर में तिरंगे की प्रतीकात्मक यात्रा में परिवर्तित कर दिया। फिजी के सुवा में भारतीय समयानुसार रात डेढ़ बजे से शुरू होकर तिरंगा न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया गणराज्य, चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम,…
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने 15 अगस्त 2025 को,…