दूरसंचार विभाग ने सिमकार्ड को धोखाधड़ी से जारी किये जाने, दूरसंचार पहचानकर्ताओं के दुरूपयोग या आईएमईआई नम्बरों के साथ छेड़छाड़ से सतर्क रहने को कहा है।
विभाग ने दोहराया है कि ऐसा किया जाना एक दंडनीय अपराध है जिसमें तीन साल तक की जेल और 50 लाख रूपये तक का जुर्माना हो सकता है। विभाग ने लोगों से अपना सिमकार्ड किसी ओर के साथ साझा न करने को कहा है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिये सिमकार्ड न खरीदें। संचार मंत्रालय ने लोगों को सलाह दी है कि वे संचार साथी पोर्टल और मोबाइल एप के जरिये अपने मोबाइल का नियमित रूप से सत्यापन करें।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आर.बी.आई) ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों – इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान…
भारतीय नौसेना का जहाज सह्याद्रि 10 अक्टूबर, 2026 को रूस के व्लादिवोस्तोक पहुंचा। यह युद्धपोत…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज चेन्नई में आईआईटी-मद्रास में आयोजित कार्यक्रम में 13 हज़ार करोड़…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई पहुंचे। वे आज चेन्नई में 13…
सर्वोच्च न्यायालय ने शांतिपूर्ण ढंग से एकत्रित लोगों को अवैध रूप से हिरासत में न…
नेपाल के गोरखा जिले में बूढ़ी गंडक नदी में पानी अचानक बढ़ने के बाद, तटवर्ती…