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DPIIT और Paytm ने नवाचार को बढ़ावा देने और भारत के विनिर्माण और फिनटेक स्टार्टअप को बढ़ाने के लिए समझौता किया

उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी), भारत सरकार ने भारत में नवाचार को बढ़ावा देने और विनिर्माण तथा फिनटेक स्टार्टअप के विकास में तेजी लाने के लिए पेटीएम (वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए है।

इस सहयोग के तहत पेटीएम स्टार्टअप्स को सलाह, आधारभूत संरचनात्‍मक सहायता, बाजार तक पहुंच और फंडिंग के अवसर प्रदान करेगा जिससे उन्हें आगे बढ़ने और नवाचार करने में मदद मिलेगी। इस पहल का उद्देश्य उद्यमियों को आवश्यक संसाधन उपलब्‍ध कराना है जिससे अत्याधुनिक भुगतान और वित्तीय प्रौद्योगिकी समाधान विकसित करने की उनकी क्षमता बढ़े।

डीपीआईआईटी के अनुसार इस साझेदारी का उद्देश्य फिनटेक हार्डवेयर स्टार्टअप को सलाह और नवाचार मार्गदर्शन के माध्यम से सहायता प्रदान करना है जिससे उन्हें भुगतान और वित्तीय प्रौद्योगिकी समाधान विकसित करने और बढ़ाने में सहायता मिलेगी। यह कार्यशालाओं का आयोजन करके और उद्योग और सरकारी निकायों के सहयोग से मार्गदर्शन प्रदान करके विनियामक और अनुपालन सहायता पर भी ध्यान केंद्रित करता है। इसके अतिरिक्त, यह साझेदारी बुनियादी ढाँचा और बाजार पहुँच सहायता प्रदान करती है जिससे स्टार्टअप पेटीएम के व्यापक व्यापार नेटवर्क का लाभ उठाते हुए अपने उत्पादों की जांच, सत्यापन और परिशोधन कर सकते हैं।

डीपीआईआईटी के निदेशक डॉ. सुमीत कुमार जारंगल और पेटीएम के संस्थापक एवं मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी विजय शेखर शर्मा ने दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव संजीव ने इस सहयोग के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “पेटीएम के साथ यह साझेदारी भारत के स्टार्टअप को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पेटीएम की फिनटेक विशेषज्ञता और बुनियादी ढांचे का लाभ उठाकर, हमारा लक्ष्य उद्यमियों को चुनौतियों से पार पाने, उनके उद्यमों को बढ़ाने और भारत को वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में उभरने में योगदान देने में सहायता करना है।”

पेटीएम के संस्थापक और मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी विजय शेखर शर्मा ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में स्टार्टअप शुरू करने और आगे बढ़ने का यह सबसे अच्छा समय है। पेटीएम सलाह, वित्तीय सहायता और अत्याधुनिक तकनीक तक पहुँच के माध्यम से उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस सहयोग के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करेंगे कि स्टार्टअप को शुरुआत से लेकर विकास तक सफल होने के लिए आवश्यक साधन प्राप्त हों।”

स्टार्टअप्स के लिए पेटीएम पहल के भाग के रूप में, पेटीएम साउंडबॉक्स और पीओएस/ईडीसी डिवाइस निर्माताओं जैसे फिनटेक हार्डवेयर निर्माताओं को कुशलतापूर्वक आगे बढ़ने में सहायता करने के लिए समर्पित कार्यक्रम शुरू करेगा। इन पहलों में मेंटरशिप प्रोग्राम, निवेशकों से जुड़ाव और इनक्यूबेशन प्रोग्राम के माध्यम से फंडिंग तक पहुंच, उद्योग-केंद्रित कार्यशालाओं के साथ विनियामक मार्गदर्शन और समय-समय पर ट्रैकिंग और प्रभाव आकलन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अपनी सीएसआर शाखा, पेटीएम फाउंडेशन के माध्यम से, कंपनी क्लाइमेट टेक, वेब3, एग्रीटेक और मोबिलिटी में डीप-टेक स्टार्टअप की सहायता कर रही है।

इस सहयोग के साथ डीपीआईआईटी और पेटीएम भारत को वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने, तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देने और आर्थिक विकास को गति देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।

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