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डॉ. मनसुख मंडाविया ने उत्तर प्रदेश में ESIC कवरेज के विस्तार की घोषणा की; 15 और जिलों की अधिसूचना जारी की गई

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज घोषणा किया कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने उत्तर प्रदेश के 15 अतिरिक्त जिलों को कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना के अंतर्गत अधिसूचित करके अपना कवरेज बढ़ाया है। यह राज्य में श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि इस अधिसूचना के साथ ही उत्तर प्रदेश के 75 में से 74 जिले अब ईएसआई योजना के अंतर्गत पूर्ण रूप से आ गए हैं, जिससे 30.08 लाख बीमित व्यक्ति (आईपी) और 1.16 करोड़ लाभार्थी लाभान्वित होंगे। नए अधिसूचित जिलों में अम्बेडकर नगर, औरैया, बहराईच, गोंडा, हमीरपुर, जलौन, कन्नौज, महाराजगंज, महोबा, पीलीभीत, सिद्धार्थनगर, शामली, प्रतापगढ़, कासगंज और श्रावस्ती शामिल हैं, जो ईएसआईसी नेटवर्क में 53,987 नए बीमित लोगों को जोड़ते हैं।

राष्ट्रव्यापी संशोधित कार्यान्वयन स्थिति

इस विस्तार के बाद, ईएसआई योजना की राष्ट्रीय कार्यान्वयन स्थिति निम्नानुसार है:

  • कुल शामिल जिले (पूर्ण + आंशिक): 689
  • पूर्ण अधिसूचित जिले: 586
  • आंशिक अधिसूचित जिले: 103
  • गैर-अधिसूचित जिले: 89
  • भारत में कुल जिले: 778

आगे विस्तार के लिए उपाय

सभी शेष गैर-कवर प्राप्त क्षेत्रों में व्यापक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए, ईएसआईसी  निम्नलिखित पहलों पर सक्रियता से काम कर रहा है:

  • गैर-कार्यान्वित क्षेत्रों में चिकित्सा देखभाल सुविधाओं की व्यवस्था करने के लिए राज्य सरकार के साथ समन्वय।
  • गैर-कवर जिलों में चिकित्सा देखभाल का विस्तार करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) का उपयोग।
  • ईएसआईसी लाभार्थियों को बिना किसी व्यय सीमा के नकद रहित चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के साथ एकीकरण।

ईएसआईसी योजना के अंतर्गत लाभ

ईएसआईसी श्रमिकों के लिए एक व्यापक सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क प्रदान करता है, जिसमें शामिल हैं:

  • चिकित्सा लाभ: प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल।
  • नकद लाभ: बीमारी, अस्थायी/स्थायी दिव्यांगता, मातृत्व लाभ (26 सप्ताह), आश्रित लाभ और अंतिम संस्कार व्यय।
  • बेरोजगारी भत्ता: नौकरी छूटने वाले श्रमिकों के लिए राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना (आरजीएसकेवाई) और अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (एबीवीकेवाई) के अंतर्गत बेरोजगारी भत्ता।

इन 15 जिलों को अधिसूचित करने से सरकार की सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार इस देश के प्रत्येक योग्य श्रमिक तक करने की प्रतिबद्धता फिर से स्पष्ट होती है। शेष गैर-अधिसूचित जिलों को ईएसआईसी के अंतर्गत लाने की कोशिश जारी हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि कोई श्रमिक इस महत्वपूर्ण सुरक्षा नेटवर्क से बाहर न रहे।

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