रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 5 नवंबर, 2026 को सुबह लगभग 11 बजकर 10 मिनट पर ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से अर्ध-बैलिस्टिक मिसाइल ‘प्रलय’ का सफल उड़ान परीक्षण किया। चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज द्वारा तैनात विभिन्न उपकरणों से प्राप्त आंकड़ों ने पुष्टि की कि इस परीक्षण के दौरान सभी निर्धारित उद्देश्य सफलतापूर्वक पूरे हुए हैं।
हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत ने डीआरडीओ की अन्य प्रयोगशालाओं के सहयोग से इस मिसाइल का स्वदेश में ही विकास किया है। इसको तैयार करने और इसके उत्पादन में साझेदार कंपनियों में शामिल भारत डायनामिक्स लिमिटेड ने विशिष्ट प्रणाली का निर्माण किया है। उपयोगकर्ता मूल्यांकन परीक्षणों के तहत किए गए इस उड़ान परीक्षण के दौरान डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी, रक्षा उद्योग जगत के प्रतिनिधि और सशस्त्र बलों के अधिकारी उपस्थित रहे। सफल परीक्षण के साथ ही इस प्रणाली को भारतीय सेना में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रलय मिसाइल के सफल उड़ान परीक्षण के लिए डीआरडीओ, सशस्त्र बलों और रक्षा उद्योग जगत के साझेदारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उन्नत तकनीकों से लैस यह मिसाइल उभरते खतरों का मुकाबला करने में सेना की तकनीकी क्षमता एवं परिचालन तैयारियों को और मजबूती प्रदान करेगी।
रक्षा सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने भी इस सफल उड़ान परीक्षण से जुड़ी सभी टीमों को बधाई दी।
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