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DRI seized over 1.25 lakh kg of foreign areca nuts and 41,000 kg of poppy seeds worth approximately ₹20.31 crore in Assam and Mizoram
भारत

DRI ने असम और मिजोरम में लगभग 20.31 करोड़ रुपये मूल्य के 1.25 लाख किलोग्राम से अधिक विदेशी सुपारी और 41,000 किलोग्राम खसखस जब्त किए, चार गिरफ्तार

सीमा पार तस्करी के खिलाफ अपनी निरंतर कार्रवाई को जारी रखते हुए, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने मिजोरम और असम में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए दो अभियानों में, 1,25,680 किलोग्राम विदेशी सुपारी और 41,697 किलोग्राम विदेशी खसखस जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 20.31 करोड़ रुपये है। तस्करी के खसखस की ढुलाई के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

23-24 सितंबर 2026 को मिजोरम में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक बड़े अभियान में, डीआरआई ने सीमा शुल्क विभाग चंफाई, असम राइफल्स की 14वीं बटालियन और चंफाई पुलिस की सहायता से, भारत-म्यांमार सीमा से लगभग 20 किमी दूर चंफाई जिले के रुआंटलांग गांव और उसके आसपास तीन गोदामों की तलाशी ली। सभी गोदामों पर ताले लगे थे और वहां कोई मौजूद नहीं था। परिसरों की तलाशी के दौरान लगभग 14 करोड़ रुपये मूल्य के 1,25,680 किलोग्राम संदिग्ध विदेशी सुपारी और 3.81 करोड़ रुपये मूल्य के 25,440 किलोग्राम खसखस के बीज बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि इन सामानों को म्यांमार से भारत में तस्करी कर लाया गया था। इन सामानों को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया है।

इससे पहले 22.09.2026 को, मिजोरम सीमा क्षेत्र से असम की ओर विदेशी खसखस के परिवहन के संबंध में विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर, डीआरआई के अधिकारियों ने असम राइफल्स की 38वीं बटालियन की सहायता से लैलापुर, सिलचर के पास दो ट्रकों को रोका। वाहनों की विस्तृत जांच और तलाशी के परिणामस्वरूप 16,257 किलोग्राम विदेशी खसखस से भरे 290 एचडीपीई बैग बरामद किए गए। इन बोरियों पर विदेशी निर्माण और व्यापार को दर्शाने वाले निशान थे और इस खेप के साथ कोई वैध आयात दस्तावेज नहीं था। लगभग 2.43 करोड़ रुपये मूल्य के खसखस और दोनों वाहनों को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत जब्त कर लिया गया। ट्रांसपोर्टेशन में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

देश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में हाल के वर्षों में विदेशी मूल की तस्करी की गई सुपारी की यह सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक है, जो सीमा पार तस्करी पर लगाम लगाने के डीआरआई के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

विदेश व्यापार नीति (आईटीसी एचएस वर्गीकरण) के तहत खसखस को एक प्रतिबंधित वस्तु के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसका आयात निर्धारित शर्तों के अधीन अनुमत है; जिसमें विशिष्ट देशों से इसकी सोर्सिंग और ग्वालियर स्थित नारकोटिक्स कमिश्नर के पास आयात अनुबंधों का पंजीकरण शामिल है।

यह जब्ती संवेदनशील भारत-म्यांमार सीमा के जरिए सक्रिय तस्करी सिंडिकेट को रोकने और देश में प्रतिबंधित व विदेशी कृषि उत्पादों के अवैध प्रवेश को रोकने की डीआरआई की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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