उत्तराखंड में वर्षा और भूस्खलन के कारण केदारनाथ यात्रा अगले आदेश तक रोक दी गई है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से यात्रा मार्ग पर फंसे दो हजार से अधिक लोगों को निकाल लिया गया है।
कल हेलीकॉप्टर के जरिए भीमबली, रामबाडा और लिनचोली से लगभग चार सौ 25 यात्रियों को बचाया गया। सोनप्रयाग और भीमबली के बीच फंसे एक हजार एक सौ यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत शिविरों में विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
बुधवार रात को मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन से सडकों, पुलों, पानी और बिजली की लाइनों तथा कृषि भूमि को व्यापक नुकसान पहुंचा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तराखण्ड आपदा स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय को राज्य में तेज वर्षा और भूस्खलन के बाद की स्थिति से अवगत कराया गया है।
भारतीय वायु सेना ने चिनूक और एम.आई.-17 हैलीकॉप्टर राहत और बचाव कार्य के लिये तैनात किए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने राज्य को पूरी सहायता का आश्वासन दिया है।
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