विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा कि आर्बिट्रेट इन इंडिया मेक इन इंडिया का एक मुख्य पहलू है और मध्यस्थता विकसित भारत की यात्रा में सहायक होगी। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आर्बिट्रेशन बार ऑफ इंडिया का उद्घाटन करते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि आधुनिक विवाद के समाधान में मध्यस्थता एक मुख्य आधारशिला है। उन्होंने कहा कि भारत की तीव्र आर्थिक प्रगति में यह महत्वपूर्ण है।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि यह कार्यक्रम विश्व में भारत की शक्ति और प्रतिष्ठा को और बल देगा। उन्होंने कहा कि भारत के लिए पुनर्संतुलन और आर्थिक क्षमता फिर से उभर चुकी है। इसकी साक्षी वैश्विक व्यवस्था है। इसके विभिन्न आयाम विश्व में स्वाभाविक रुप से और विस्तारित होंगे।
नीति आयोग के ‘फ्रंटियर टेक हब’ ने 14 अक्टूबर 2026 को ‘डेटा सेंटर मूल्यांकन फ्रेमवर्क’…
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की संरचनात्मक सुरक्षा, स्थायित्व और गुणवत्ता…
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज आयुर्वेद में व्यापक वैज्ञानिक अनुसंधान करने का आह्वान किया। उन्होंने…
रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना के लिए समर्पित संचार उपग्रह जीसैट-7सी और नौसेना के लिए भारी…
भारत ने अमरीका के इलिनॉय राज्य के ऑरोरा क्षेत्र में एक हिंदू मंदिर को निशाना…
मौसम विभाग ने आज हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और दिल्ली में मूसलाधार बारिश का अनुमान व्यक्त…