विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मयण्म जयशंकर ने आज फिलीपींस के मनीला में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया। एक संयुक्त वक्तव्य में भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमरीका ने एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही आसियान की एकता और केंद्रीय भूमिका के लिए अपने अटूट समर्थन की पुष्टि की।
उथल-पुथल के इस दौर में आपूर्ति श्रृंखला पर सबसे अधिक दबाव दिख रहा है। ऊर्जा, भोजन और स्वास्थ्य सुरक्षा को अब हल्के में नहीं लिया जा सकता। इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना बहुत ज़रूरी है। वर्ष 2026 को आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष के तौर पर मनाया जाएगा। साथ ही, भारत और आसियान दोनों ही अपने भविष्य को लेकर उम्मीद से भरे हैं। इसलिए, चुनौतियों का सामना करते हुए भी हमें मौकों पर पूरी तरह ध्यान देना चाहिए।
बैठक के दौरान डॉ. जयशंकर ने अमरीका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। डॉ. जयशंकर ने कहा कि बैठक में भारत-अमरीका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
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