नई दिल्ली: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आज शाम नई दिल्ली में कुवैत के विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-याह्या के साथ बातचीत की। डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत व्यापार, निवेश, ऊर्जा, सूचना -प्रौद्योगिकी और संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुवैत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्री ने कहा कि आज की बैठक ने उन्हें क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्थितियों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति के बारे में चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि देश का वर्ष 2047 तक विकसित भारत और कुवैत का 2035 तक नया कुवैत का विजन दोनों देशों को उच्च आकांक्षाएं प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि कुवैत में भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु रहा है।
कुवैत के विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और कुवैत के बीच संबंध सदियों पुराने हैं और अब ये एक बड़ी साझेदारी में परिवर्तित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत कुवैत के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार है। अल–याह्या ने कहा कि खाद्य सुरक्षा और साइबर सुरक्षा भारत और कुवैत के बीच प्रमुख मुद्दे हैं।
इससे पहले कुवैत के विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने कुवैत में रह रहे भारतीय नागरिकों के कल्याण के लिए कुवैत के नेतृत्व को धन्यवाद दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत, कुवैत के साथ गहरे और ऐतिहासिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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