विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि मालदीव के साथ भारत की साझेदारी एक दूसरे की हित के लिए साथ काम करने की प्रबल इच्छा पर आधारित है। मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर के साथ माले में बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में डॉ. जयशंकर ने कहा कि मालदीव भारत की पड़ोसी प्रथम नीति का महत्वपूर्ण लक्ष्य है।
डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मालदीव के विदेश मंत्री के साथ उनकी बातचीत रचनात्मक रही। विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण, क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और डिजिटल सहयोग पर मुख्य रूप से बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने छह सामुदायिक योजनाओं का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।
ये योजनाएं मानसिक स्वास्थ्य, बच्चों के लिए स्पीच थेरेपी और विशेष शिक्षा से संबंध हैं। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम तथा मालदीव के आर्थिक विकास और व्यापार मंत्रालय के बीच डिजिटल भुगतान प्रणाली से संबंधित समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए। मालदीव के विदेश मंत्री ने मालदीव के सामुदायिक सशक्तिकरण के लिए भारत की प्रतिबद्धता की सराहना की।
डॉ जयशंकर मालदीव की तीन दिन की यात्रा पर कल शाम माले पहुंचे। इस वर्ष जून में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइजू भारत आए थे।
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