वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था लचीली बनी हुई है। भारतीय स्टेट बैंक द्वारा आज जारी रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में अर्थव्यवस्था में 6.6 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। रिपोर्ट में पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि का अनुमान लगभग 7.2 प्रतिशत लगाया गया है।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने विकास की मजबूत गति को बनाए रखा है। संकेतक लचीली आर्थिक गतिविधि का संकेत दे रहे हैं। हालांकि, चौथी तिमाही में थोड़ी मंदी रही है।
रिपोर्ट के अनुसार अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा दिए गए बैंक ऋण वृद्धि एक वर्ष पहले के 11.0 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर 16.1 प्रतिशत हो गई। कुल ऋण वृद्धि 29.5 लाख करोड़ रुपये रही।
यूनेस्को के विश्व धरोहर केंद्र ने भारत के तीन नए स्थलों को विश्व धरोहरों की…
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी…
भारतीय सेना का सर्वोच्च स्तरीय द्विवार्षिक मंच सेना कमांडरों का सम्मेलन आज से शुरू हो…
भारत के केंद्रीय अप्रत्क्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) तथा न्यूज़ीलैंड सीमा शुल्क सेवा…
भारत ने अपुष्ट आरोपों के आधार पर चुनिंदा देशों को निशाना बनाने के लिए मानवाधिकारों…