प्रवर्तन निदेशालय (ED) फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले में संलिप्त संगठित गिरोह के खिलाफ देशभर में तलाश अभियान चला रहा है। निदेशालय ने बताया कि शुरूआत में इस घोटाले का पता भारतीय रेलवे के नाम से चला था। बाद में जांच के दौरान 40 से अधिक सरकारी संगठनों के नाम का भी खुलासा हुआ। इनमें वन विभाग, रेलवे भर्ती बोर्ड, भारतीय डाक, आयकर विभाग, उच्च न्यायालय, लोक निर्माण विभाग, बिहार सरकार, दिल्ली विकास प्राधिकरण, राजस्थान सचिवालय सहित अन्य विभागों के नाम शामिल हैं।
छह राज्यों के 13 शहरों के 15 स्थानों पर यह तलाश अभियान चलाया जा रहा है। बिहार में मुजफ्फरपुर और मोतिहारी, पश्चिम बंगाल में कोलकाता, केरल में एर्नाकुलम, पंडालम, अडूर और कोडुर, तमिलनाडु में चेन्नई, गुजरात में राजकोट, उत्तर प्रदेश में गोरखपुर, इलाहाबाद और लखनऊ में ये अभियान चलाया जा रहा है।
निदेशालय ने बताया कि गिरोह ने फर्जी नियुक्ति पत्र भेजने के लिए सरकारी डोमेन की नकल करते हुए फर्जी ईमेल अकाउंट का इस्तेमाल किया। गिरोह ने कुछ पीड़ितों को दो से तीन महीने का शुरुआती वेतन भी दिया, जिन्हें आरपीएफ, टीटीई और भारतीय रेलवे में तकनीशियन जैसे पदों पर नियुक्त किया गया था।
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