निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मतदाता सूची में हेराफेरी के आरोपों का खंडन किया है। फैक्ट चेक के आधार पर इन आरोपों को भ्रामक पाया गया है। आयोग ने कहा कि अगर राहुल गांधी को लगता है कि वे जो कुछ कह रहे हैं वह सही है, तो उन्हें नियमों के अनुसार घोषणापत्र अथवा शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करने चाहिए। निर्वाचन आयोग ने यह भी कहा कि अगर लोकसभा में विपक्ष के नेता को अपनी बातों पर विश्वास नहीं है, तो उन्हें बेतुके निष्कर्ष निकालना और देशवासियों को गुमराह करना बंद कर देना चाहिए।
उधर, भारतीय जनता पार्टी ने निर्वाचन आयोग की निष्ठा पर सवाल उठाने के लिए विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना की है। कल नई दिल्ली में पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाए हैं। संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेता उन राज्यों में आयोग की ईमानदारी पर सवाल नहीं उठाते जहाँ कांग्रेस ने चुनाव जीते हैं।
जो आपसे मांगा गया है वो देश का संविधान है, संविधान के अनुरूप लिखित रूप में दीजिए और जांच करवाईए, तभी जाके असलियत सामने आपकी आएगी।
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