वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि कर से जुड़े प्रस्तावों में देशहित को सबसे ऊपर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर दरों में कमी, छूट या रियायत की मांग से पहले राष्ट्रहित पर ध्यान दिया जाना चाहिए। वित्त मंत्री आज बेंगलुरु में इंटरनेशनल टैक्स रिसर्च एंड एनालिसिस फाउंडेशन द्वारा आयोजित दो दिन के सम्मेलन ‘न्यू एज टैक्सेशन’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रही थीं। निर्मला सीतारामन ने शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और थिंक टैंक से कर नीति पर स्वतंत्र शोध को बढ़ावा देने का आग्रह किया।
सवाल सिर्फ़ यह नहीं होना चाहिए कि इस साल के बजट में हमारे क्षेत्र को क्या मिलेगा। बड़ा सवाल यह है कि अगले दो दशकों में भारत की टैक्स व्यवस्था कैसी होनी चाहिए, क्योंकि देश विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इसके लिए टैक्स नीतियों पर बेहतर और व्यापक शोध की जरूरत है। साथ ही, जहां भी संभव हो, ऐसी नीतियों के व्यावहारिक विकल्प सामने आने चाहिए, जिन्हें वास्तव में लागू किया जा सके।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितंबर 2026 को सुबह लगभग 10 बजे नई दिल्ली के यशोभूमि…
राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की प्रमुख साहसिक गतिविधि, अखिल भारतीय बालिका अधिक ऊंचाई वाले लंबे…
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने आज मुंबई में…
केंद्रीय विद्युत, आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने 15 सितंबर 2026 को…
केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 15-16 सितंबर, 2026 को मिजोरम…