वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि आगामी कुछ वर्षों में बहुपक्षीय कर वार्ताओं में लिए गए निर्णय एक पीढ़ी के लिए सीमा पार कराधान को आकार देंगे। नई दिल्ली में आज ब्रिक्स कर प्रमुखों की बैठक के उद्घाटन सत्र में वित्तमंत्री ने यह बात कही। उन्होंने वैश्विक करदाताओं से ब्रिक्स की मजबूत भूमिका का आह्वान किया। निर्मला सीतारामन ने कहा कि इन वार्ताओं को निष्पक्ष और स्थायी बनाने के लिए उनका दृष्टिकोण आवश्यक है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि कर प्रशासन कागजी डेटा-आधारित और डिजिटल माध्यमों से संचालित प्रणालियों की ओर बढ़ रहा है। वित्त मंत्री ने इस वर्ष ब्रिक्स कर सत्र से उभरने वाले तीन व्यापक क्षेत्रों प्रौद्योगिकी, प्रशासन और लोगों की पहचान के बारे में जानकारी दी।
इस साल ब्रिक्स के टैक्स ट्रैक में विशेष रूप से टेक्नोलॉजी, डेटा का इस्तेमाल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया गया है जिससे टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन को ज़्यादा सटीक और आसान बनाया जा सके और यह लोगों के मनमाने फ़ैसलों पर कम निर्भर रहे। प्रशासन, गवर्नेंस का ढांचा, साझा मानक और व्यावहारिक टूल्स-ये सब मिलकर सहयोग को एक मज़बूत संस्थागत रूप प्रदान करते हैं।
निर्मला सीतारामन ने कहा कि बैठक में दो नए कार्य समूहों – अंतर्राष्ट्रीय कराधान और हस्तांतरण मूल्य निर्धारण तथा राजस्व सांख्यिकी के लिए प्रारंभिक दस्तावेजों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।





