वित्त मंत्रालय ने शनिवार को बैंकों से ऋण वसूली न्यायाधिकरणों (डीआरटी) में लंबित मामलों के कुशल प्रबंधन के लिए प्रभावी निगरानी और निरीक्षण तंत्र स्थापित करने को कहा। वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने ऋण वसूली अपीलीय न्यायाधिकरणों (डीआरएटी) के चेयरपर्सन और ऋण वसूली न्यायाधिकरणों (डीआरटी) के पीठासीन अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की।
इस दौरान उन्होंने डीआरटी में अपनाई जाने वाली कुछ सर्वोत्तम प्रथाओं पर भी चर्चा की। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बेहतर परिणामों के लिए डीआरटी में कुछ सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाया जा सकता है। बैठक के दौरान इस बात पर भी विचार-विमर्श किया गया कि बैंकों को डीआरटी में लंबित छोटे और उच्च मूल्य के मामलों के लिए नीति को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना चाहिए और सभी हितधारकों को लंबित मामलों को कम करने के लिए सामूहिक रूप से काम करना चाहिए।
इस बैठक के दौरान डीआरटी की कार्यप्रणाली से संबंधित सभी मुद्दों पर चर्चा की गई तथा वसूली प्रक्रिया को और अधिक कुशल बनाने हेतु इस बात पर सहमति बनी कि:
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड द्वारा डॉयचे बैंक एजी के कुछ…
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने सैफायर यूएस होल्डको (यूएसए), एलएलसी द्वारा जेंटारी रिन्यूएबल्स इंडिया प्राइवेट…
भारत-कनाडा रक्षा संवाद का पहला संस्करण 3 नवंबर, 2026 को वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया…
देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर अक्टूबर में बढ़कर 4 महीने के उच्चतम स्तर…
नीति आयोग और ड्यूश गेसेलशाफ्ट एफयूआर इंटरनेशनेल जुसामेनरबीट (जीआईजेड) जीएमबीएच ने 3 नवंबर 2026 को…
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज वित्तीय वर्ष 2026-27 से…